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Friday, September 25, 2020

Major Dynasties of North India (उत्तर भारत के प्रमुख राजवंश) Part -2 Indian History ! For SCC, Railway, Bank, Upsc etc..

उत्तर भारत के प्रमुख राजवंश (Major Dynasties of North India)

उत्तर भारत के प्रमुख राजवंश (Major Dynasties of North India)



नमस्कार दोस्तों इंडिया जीके की इस सीरीज में हमें उतर भरत के राजवंशो की जानकारी के लेकर आये है, इस टॉपिक से जुड़े प्रश्न सभी एग्जाम में पूछे जाते है, जैसे : - UPSC exam, bank, SSC Etc.....

प्रमुख राजवंश :-

 - परमार वंश, सोलंकी वंश, सिसोदिया वंश, पाल वंश, सेन वंश उत्तर भारत के प्रमुख राजवंश है | 


 (6) परमार वंश (Parmar Dynasty) :- 

- ‘उपेन्द्र’ इस वंश का संस्थापक था |
-  इसका शासन प्रदेश मालवा था | 
- अन्य शासक :- श्री हर्ष, वाकपतिमुंज, सिन्धुराज, भोज, जयसिंह, उदयादित्य इस वंश के अन्य शासक हुए |
- श्री हर्ष इस वंश प्रथम स्वतंत्र शक्तिशाली शासक था , जिसने राष्ट्रकुटो को पराजित किया | 
- राजा भोज इस वंश का सर्वाधिक प्रसिद्ध राजा था. उसने चिकित्सा, गणित, व्याकरण आदि पर अनेक ग्रन्थ लिखे. उसकी राजधानी धार थी |

 (7) सोलंकी वंश (Solanki Dynasty)- 

- गुजरात में इस वंश का संस्थापक ‘मूलराज’ प्रथम था |
- उसने अनेक मंदिरो का निर्माण कराया था |
- अन्य शासक :- भीम प्रथम, जयसिंह सिद्धराज, कुमारपाल, भीम द्वितीय इस वंश के अन्य शासक हुए |
- भीम प्रथम के शासनकाल में महमूद गजनवी ने सोमनाथ के मंदिर पर आक्रमण किया था |
- जयसिंह सिद्धराज इस वंश का सर्वाधिक शक्तिशाली एवं कुमारपाल इस वंश के अंतिम शासको में से था, इसकी मृत्यु के पश्चात् ही सोलंकी वंश का पतन प्रारम्भ हो गया |

 (8) सिसोदिया वंश (Sisodia Dynasty) –

- इस वंश के शासक अपने को सूर्यवंशी कहते थे |
- इनका शासन मेवाड़ पर था और चित्तौड़ इनकी राजधानी थी |
- राणा कुम्भा, राणा संग्रामसिंह तथा महाराणा प्रताप इस वंश के प्रतापी तथा प्रसिध्द राजा हुए |
- राणा कुम्भा ने अपनी विजयों के उपलक्ष्य में विजय स्तम्भ का निर्माण कराया | 

 (9) पाल वंश (Pal Dynasty) – 

- गोपाल को पाल वंश का संस्थापक माना जाता है, क्योकि इस वंश के शासकों ने नाम के अंत में पाल शब्द जुड़ा रहता था अत: यह पाल वंश के नाम से जाना जाता है |
- प्रमुख राजा :- धर्मपाल, देवपाल, नारायणपाल, महिपाल, नयनपाल, रामपाल आदि इस वंश के प्रमुख राजा हुए |
- गोपाल ने लगभग 45 वर्षों तक सफलतापूर्वक शासन किया, अपने शासन काल में उसने मगध पर भी अधिकार कर लिया | 
- महिपाल इस वंश का अंतिम प्रतापी शासक था. वह बौध धर्म का अनुयायी था |
- देवपाल इस वंश का सर्वाधिक शक्तिशाली शासक था, जिसने कामरूप (वर्तमान असम) तथा कलिंग पर अपना अधिकार कर लिया |
- अंत में 12वी शताब्दी में सेन वंश के शासको ने पाल वंश का अंत कर दिया |
- विक्रमशिला विश्व विद्यालय की स्थापना इस वंश के धर्मपाल ने की थी |

 (10) सेन वंश (Sen dynasty) – 

- सामंत सेन, सेन वंश का संस्थापक था |
-  अन्य शासक :- विजय सेन, बल्लाल सेन, लक्ष्मण सेन इस वंश के अन्य शासक हुए, जिन्होंने बंगाल व बिहार पर शासन किया |
- विजय सेन इस वंश का महत्वाकांक्षी शासक हुआ, वह शैवधर्म का अनुयायी था |
- ‘देवपारा’ में उसने एक शिव मंदिर का निर्माण कराया, जो प्रद्युमनेश्वर के नाम से जाना जाता है |
- बल्लाल सेन भी इस वंश का उच्च कोटि का शासक विद्वान तथा प्रसिध्द लेखक था. इसने दानसागर लिखा तथा अद्भुत सागर का लेखन प्रारंभ किया |
- लक्ष्मण सेन इस वंश का अंतिम प्रसिध्द राजा था |
- गीतगोविन्द के रचियता जयदेव इसका दरबारी कवि था | 


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